3 हफ़्तों में मेमोरी बढाने के 8 तरीके

3 हफ़्तों में मेमोरी बढाने के 8 तरीके:

ेमोरी बढ़ाना कोई राकेट साइंस नहीं है. दरअसल बात यह है कि, या तो हम यह जानते नहीं है या अक्सर भूल जाते है कि हमारा दिमाग किस तरह काम करता है. जो तरीके मैं आपसे शेयर करने वाला हूँ, वे बहुत ही basic और आसानी से समझ में आने वाले है और कोई भी इन्हें अपनाकर अपनी याददाश्त बढ़ा सकता है. पर जैसा की अक्सर जीवन में होता है, इसके लिए आपके निश्चय और प्रयासों के आवश्यकता होगी.

#साइंसटेक :जैसा की अक्सर जीवन में होता है, मेमोरी तेज करने के लिए भी आपके निश्चय और प्रयासों के आवश्यकता होगी. Click To Tweet

ऐसा कहा जाता है कि किसी चीज़ की आदत डालने में 3 सप्ताह का समय लगता है और यहाँ बताये तरीकों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर आप भी इन्हें एक आदत बनाकर अपनी याददाश्त को हमेशा के  लिए मजबूत और तेज कर सकते हैं. तो बिना आपका कीमती समय बर्बाद किये, प्रस्तुत हैं 3 हफ़्तों में मेमोरी बढाने के 8 तरीके :

brain photo
Photo by PinkPersimon

 १. जो याद करना है उसे एक मतलब दें :

यह सलाह तो हमें बचपन से ही मिलती रही है. अगर किसी चीज़ को याद रखना है तो उसे समझो और एक अर्थ दो, और आप इसे लम्बे समय तक याद रख पाएंगे. हमारी स्कूल पढाई के दौरान ही हम खुद-बा-खुद इस बात को समझ जाते हैं. पर क्योंकि हर एक व्यक्ति का अनुभव अलग होता है, इसलिए एक ही सिद्धान्त के अलग-अलग वर्जन हम तैयार कर लेते हैं. इस सिद्धान्त के बारे में जो कुछ भी जानने की आपको जरुरत है वो इसप्रकार है.

#साइंसटेक :अगर किसी चीज़ को याद रखना है तो उसे समझो और एक अर्थ दो, और आप इसे लम्बे समय तक याद रख पाएंगे. Click To Tweet

किसी चीज़ को अर्थ देने का मतलब उसे हमारी इन्द्रियों (senses) से महसूस करने से है.  किसी चीज़ को याद रखने के लिए हम जितनी ज्यादा इन्द्रियों का यूज़ करते है,  हमें वह उतनी ही अच्छी तरह याद रहती है.

उदाहरण के लिए, मान लीजिये की office से घर लौटे हुए आपको बाजार से कुछ किराने का सामान लाना हो जैसे सेब, दूध, अंडे इत्यादि.  इस लिस्ट को बनाते हुए क्या आप इन सामानों को देख पा रहे हैं, उनका कलर और आकार. उनका स्वाद कैसा है या वो कैसी smell करते हैं?  अगर अपने यह सब अभी किया हो, तो क्या आप इस लिस्ट को भूल सकते हैं ? बिलकुल नहीं, तो इस तरह हमने ये लिस्ट याद करे ली, क्योंकि हमने लिस्ट की चीज़ों को अपनी दृष्टि, गंध और स्पर्श की इन्द्रियों से एक मतलब दिया.

साथ ही आप किसी चीज़ को पहले से मालूम चीज़ या व्यक्ति से जोड़कर भी एक मतलब दे सकते हैं.  उदाहरण के लिए, आप बाबा रामदेव को जानते हैं और मान लीजिये कि  खरीदारी करते हुए, बाज़ार के  एक दुकान में आपकी मुलाकात बाबा रामदेव से हो जाती है और बाबा आपसे पूछते हैं कि आज रात के खाने में क्या खाना पसंद करेंगे : सेब, दूध या अंडे. अपने मन में यह घटना होते हुए देखिये. क्या अब आप इस लिस्ट को भूल जायेंगे?

हालाँकि ये बहुत ही basic example थे, पर आप इसके पीछे के सिद्धान्त को समझ गए होंगे.

2. दिमाग की याद करने के लिए समय दें.

हमारे पिछले उदाहरणों में चीज़ों को आपस में जोड़ने के सिद्धान्त के अलावा भी याद रखने में एक और चीज़ का महत्वपूर्ण योगदान था और वह है-समय| हमारे दैनिक जीवन में अपनी व्यस्तताओं के चलते हम जिस जानकारी को याद करना है, उसे पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं.

घरेलू सामान की लिस्ट आप इसलिए आसानी से याद रख पाए क्योंकि उन चीज़ों को अपने मन में देखा, उनकी गंध ली और उनका स्वाद महसूस किया, और इस सब में आपका कीमती समय लगा. अगर आपने याद रखने के लिए समय ना दिया होता, तो शायद यह भी उन्ही में से एक लिस्ट होती जो हम अक्सर भूल जाया करते हैं.

इसलिए कृपया, अगर आप वाकई किसी जानकारी  को याद रखना चाहते हैं, तो उसे किसी ज्ञात जानकारी से जोड़ने के लिए अपना कीमती समय दें.

#साइंसटेक :अगर आप वाकई किसी जानकारी को याद रखना चाहते हैं, उसे किसी ज्ञात जानकारी से जोड़ने के लिए अपना कीमती समय… Click To Tweet [irp]

3. मल्टीटास्किंग से बचें

टेक्नोलॉजी के विकास के साथ अब हम हाथ में स्मार्टफोन लेकर घूमते हैं, और अच्छी बात ये है कि हम इसपर मल्टीटास्किंग भी कर सकते हैं. पर हम स्मार्टफोन नहीं हैं, हम अभी भी मंद बुद्धि दिमाग के साथ इंसान ही हैं, जो अपनी pocket में स्मार्टफोन लेकर घूमते हैं. हालाँकि हमारी लाइफस्टाइल हमें मशीन में बदलती जा रही है, पर आज भी हम छोटी -छोटी चीज़ों को लेकर परेशान होने वाले साधारण इंसान ही हैं.

मल्टीटास्किंग (Multitasking) हमारे दिमाग के लिए बहुत ही तनावपूर्ण होती है, क्योंकि मल्टीटास्किंग में हमारे मंद बुद्धि दिमाग को एक साथ एक ही समय में कई सारी चीज़ों पर ध्यान देना होता हैं और सीमित एनर्जी रिसोर्सेज को खर्च करना पड़ता है. क्योंकि किसी जानकारी को याद करने के लिए उसे प्रोसेस करके में टाइम खर्च करना होता हैं, इसलिए मल्टीटास्किंग मूलभूत रूप से  ही याददाश्त के काम में बाधा डालती है.

याददाश्त मजबूत करने के लिए हमें सिंगल टास्किंग पर फोकस करना चाहिए. सिंगल टास्किंग न केवल हमारी मेमोरी बल्कि हमारी उत्पादकता को भी बढाती है.

#साइंसटेक : सिंगल टास्किंग को अपनाये, एक समय में केवल एक ही चीज़ पर ध्यान दें, और अगले कुछ हफ़्तों में आपको याददाश्त… Click To Tweet

4. अच्छी नींद पूरी करें.

मैं दावा करता हूँ कि यह सलाह आपको पहले से मालूम थी. हम सभी को मालूम होती है, फिर भी हम लगातार इसे नज़रंदाज़ करते हुए, भूल जाते हैं. एक अच्छी नींद हमारे  शरीर और दिमाग को रिलैक्स करती है, और हमारी बैटरी रिचार्ज करती है. दिनभर में हम जानकारी के समुद्र में गोते खाते रहते हैं, जो हमारे दिमाग के resources को लगातार खर्च करता जाता है. एक अच्छी नींद हमें इस जानकारी की बाढ़ को प्रोसेस करने का समय देती है, और कल आने वाले इनफार्मेशन फ्लो के लिए हमें तैयार करती है. इस लेख में दी बाकि कोई भी सलाह मेमोरी बढ़ाने में आपकी सहायता नहीं कर पाएगी, अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं.

यहाँ मैं आपको नींद की गुणवत्ता बढाने के कुछ सुझाव प्रस्तुत कर रहा हूँ.

A. सोने के कम से कम एक घंटे पहले खुद को अपनी टीवी, लैपटॉप और मोबाइल दूर कर लेवें. जी हाँ, अपने सही पढ़ा. अपने प्यारे मोबाइल को भी दूर रखना है.

B. सोने के कम से कम दो घंटे पहले तक चाय या कॉफ़ी न पियें.

C. सोने जाने से पहले कुछ समय मेडिटेशन करें. यह आपकी अधिकतर चिंताओं और तनाव को दूर करेगा , जो अच्छी नींद में बाधक होते हैं.

#साइंसटेक : अच्छी मेमोरी के लिए सोने के कम से कम एक घंटे पहले खुद को अपनी टीवी, लैपटॉप और मोबाइल दूर कर लेवें. Click To Tweet [irp]

5.हमेशा कुछ नया सीखते रहना:

आपको अपना बचपन याद है जब कोई भी नई जानकारी याद करना कितना आसान था। दरअसल, बच्चों का दिमाग सबसे तेज होता है, क्योंकि वे लगातार कुछ नया सीखते रहते हैं, हर दिन, हर घंटे। जब कोई बच्चा किसी शब्द का अर्थ पूछता है, हम उसे एक बार बताते है और बच्चा उसे याद कर लेता है।

मैं आपको ये बात इसलिए नहीं बता रहा हूँ, की आप अपना स्कूल दोबारा से ज्वाइन कर लें बल्कि मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूँ कि जब हमारा दिमाग नई चीज़ों  को लगातार सीख रहा होता है तो वह नई जानकारी  याद करने के लिए ज्यादा तत्पर रहता है।

इसलिए हमेश कुछ नया सीखते रहना चाहिए, चाहे वह कोई नई भाषा हो या आपके बेसमेंट में पड़ा आपका पुराना म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, शतरंज का अच्छा खेल भी काफी है। हमारा उद्देश्य हमेश कुछ नया सीखकर दिमाग की कसरत करते रहना और इसकी मसल्स को मजबूत बनाकर याददाश्त को बेहतर बनाना है।

6. शारीरिक व्यायाम:

शारीरिक व्यायाम सभी हेल्थी बातों से जुड़ा हुआ है, याददाश्त भी इसका एक अंग है। अगर साइंस की बात करें तो एक्सरसाइज हमारे शारीर और दिमाग में  रक्त प्रवाह को बढाती है जिससे ज्यादा ऑक्सीजन हमारे दिमाग तक पहुंचती है और दिमाग ज्यादा अच्छी तरह काम करता है। एक्सरसाइज करते समय डोपामाइन नाम का तनाव और चिंता को दूर करने वाला हॉर्मोन निकलता है, जो डिप्रेशन जैसी मेमोरी पर दुष्प्रभाव डालने वाली क्रियाओं को कम करने में हेल्प करता है।

रिसर्च इस ओर इशारा करती हैं, कि प्रतिदिन ३० मिनट पैदल चलने से भी याददाश्त तेज होती है. इसलिए स्पोर्ट्स को हमारी शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग बनाया गया है, जो याददाश्त मजबूत करने के साथ हमारे दिमाग का संपूर्ण विकास करें .

#साइंसटेक :Improving Memory :एक्सरसाइज करते समय डोपामाइन नाम का तनाव और चिंता को दूर करने वाला हॉर्मोन निकलता है, जो… Click To Tweet [irp]

7. मैडिटेशन

मैडिटेशन एक मेहनत भरे सपोर्ट सेशन के बाद एक रिलैक्स बाथ की तरह है. मैडिटेशन हमारे दिमाग के [sociallocker]

front lobe और hippocampus पार्ट को प्रभावित करता है, जिनका सम्बन्ध याददाश्त और Concentration से होता है. यह हमें subconscious level तक ले जाता है, जहाँ मेमोरी स्टोर होती है, याददाश्त बढ़ने के नए गेट खोलता है.

जैसा की मैंने पहले भी discuss किया है, तनाव और चिंता memory loss के दो मुख्य कारण हैं. याद करिए, जब आप office के लिए तैयार हो रहे हो और पर्स या रुमाल भूल जाए, तो उससे ढूँढने में कितनी तनावपूर्ण सिचुएशन बन जाती है और ऐसा लगता है कि पर्स के साथ आप और भी बहुत सी चीज़ों को भूल रहे हैं. मैडिटेशन तनाव और चिंता को दूर रखने में हमारी सहायता करता है.

मैडिटेशन एक पॉजिटिव एनर्जी के रूप में हमारी घबराहट को कम करता है, और मल्टीटास्किंग से दूर रखता है, जो को हम डिप्रेशन में अक्सर करते है- दिनभर किसी समस्या के बारे में सोचते रहना.

#साइंसटेक :मैडिटेशन मल्टीटास्किंग से दूर रखता है, जो को हम डिप्रेशन में अक्सर करते है- दिनभर किसी समस्या के बारे में… Click To Tweet

मैडिटेशन के सारे लाभों को इस एक लेख में कवर करना कठिन है. सीधा मुद्दा यह है कि नियमित मैडिटेशन करिए और यह आपकी याददाश्त को आश्चर्यजनक रूप से तेज कर देगा.

8.पौषक आहार

अपने सही अंदाजा लगाया, जीवन के बहुत से दूसरे पहलुओं की तरह याददाश्त बढाने में भी पौषक आहार का महत्वपूर्ण योगदान है. ऐसा फ़ूड को आपके पेट ले लिए अच्छा है, वो आपके दिमाग के लिए भी अच्छा होगा, इसलिए बहुत ज्यादा वसायुक्त आहार, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, नमक और शक्कर को नज़रंदाज़ करें.

Omega 3 fatty acid, जो की मछलियों में पाया जाता है, याददाश्त बढ़ाने में कारगर माना जाता है. sardine, tuna, salmon जैसी मछलियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. वेजीटेरियन के लिए अलसी, अखरोट, सोयाबीन, सोया पनीर, पत्तागोभी और पलक omega 3 fatty acid के अच्छे स्त्रोत है.

#साइंसटेक : Memory Improvement :वेजीटेरियन के लिए अलसी, अखरोट, सोयाबीन, सोया पनीर, पत्तागोभी और पलक omega 3 fatty… Click To Tweet

इसी तरह फल हमारे लिए antioxidants के मुख्य स्त्रोत हैं. एंटीऑक्सीडेंट ऐसे केमिकल होते है, जो शारीर में लगातार विभिन्न मेटाबलिक क्रियाओं के कारण बनाने वाले free radicals से लड़ते है. ये free radicals हमारी दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं. Antioxidants free radicals के नेगेटिव इफ़ेक्ट को कम करता है और हमारी दिमाग कोशिकाओं को सुरक्षित कर याददाश्त को मजबूत करता है. सप्ताह में कम से कम 2 बार फलों का सेवन करें और आप चंगे रहेंगे. इंडिया में पाए जाने वाले फलों में काले अंगूर एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्त्रोत है.

[/sociallocker]

यह वे 8 तरीके है, जिन्हें अपनाकर आप अपनी याददाश्त को मजबूत कर सकते हैं. हमारी याददाश्त को तेज करना कुछ हद तक हमारे स्वयं के हाथ में होता है. अपने दैनिक जीवन में इन तरीकों को अपनाने की आदत डाल लीजिये, और आप अगले तीन हफ़्तों में याददाश्त में परिवर्तन महसूस करेंगे.

अपने विचार और अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में शेयर करें. अगर आपके पास मेमोरी बढ़ाने का कोई और तरीका भी हो तो वह भी अन्य पाठकों के साथ कमेंट बॉक्स में शेयर करे.

3 हफ़्तों में मेमोरी बढाने के 8 तरीके
3.5 4

Related posts: