दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं स्टॉक मार्केट की . और दरअसल इस ब्लॉग में आपको स्टॉक मार्केट के बारे में काफी जानकारी मिलने वाली हैं . क्योंकि हम बात करेंगे ना सिर्फ भारत के स्टॉक एक्सचेंज की बल्कि ऑल ओवर वर्ल्ड , के स्टॉक मार्केट की . तो इस ब्लॉग पोस्ट में आपको काफी कुछ जानकारी मिलने वाली है .

दरअसल दोस्तों स्टॉक मार्केट एक पैसिव इनकम का ऐसा तरीका है जिसकी मदद से हम घर बैठे लाखों रुपए कमा सकते हैं . बशर्ते आपको मार्केट के बारे में अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए . वही आपको यह भी अंदाजा लगाना आना चाहिए कि आने वाले दिनों में किस कंपनी का भाव आगे चलकर बढ़ने वाला है और कौन सी कंपनी घाटे में जाने वाली है . क्योंकि इसी पूर्वानुमान से आप किसी भी स्टॉक मार्केट में अपना पैर जमा सकते हैं .

● स्टॉक मार्केट और फॉरेक्स मार्केट आखिर है क्या .

हम कभी भी किसी भी बिजनेस में पैसे लगाते हैं . फिर चाहे वह कोई इंटरनेशनल बिजनेस हो या फिर हमारा अपना देश में कोई एक बिजनेस . और इन्हीं बिजनेस में पैसे लगान के लिए जो संस्था मदद करता है . वह है स्टॉक मार्केट .

दोस्तों भारत में जितने सारे ट्रेडिंग होते हैं उन्हें दो जगह से किया जाता है . मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज . और इन्हीं दोनों को एक साथ बोला जाता है स्टॉक मार्केट . यानी अगर आप भारत में पैसे लगाते हो किसी भी कंपनी के ऊपर तो वह स्टॉक मार्केट के जरिए लगता है . वही बात करें इसकी गतिविधियों को निरीक्षण करने वाले बोर्ड की , तो वह है एसईबीआई ( सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ) .

वही दोस्तों अगर आपको , इंडिया से बहार के बाजारों में पैसे लगाना है यानी आपको इंटरनेशनल ट्रेडिंग करना है . तो इसके लिए आपको मदद लेनी पड़ती है फॉरेक्स मार्केट की . जी हां फ्रेंड यह भारत के स्टॉक मार्केट की ही तरह है पर आपको यहां पर बहुत सारे देशों के कंपनियां लिस्टेड मिल जाएगी जिसमें आप पैसा लगा सकते हैं .

अगर बात करें कि फॉरेक्स मार्केट को कंट्रोल कौन करता है . तो इसके पीछे बहुत सारे अथॉरिटी हैं . कुछ मुख्य अथॉरिटी की बात करें तो . जैसे कि एफसीए (फाइनेंसियल कंडक्ट अथॉरिटी ) , सीवाईएसईसी (साइप्रस सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमिशन ) और आईएफएससी ( इंटरनेशनल फाइनेंस सर्विस सेंटर ) . जो कि अलग-अलग देश के बड़े-बड़े अथॉरिटी हैं .

● फॉरेक्स और स्टॉक मार्केट की मार्केट कैप कितनी है .

दोस्तों अगर इंटरनेशनल फोरम यानी फॉरेक्स की बात करें तो , तो इनकी मार्केट कैप 7 ट्रिलियन डॉलर है . वहीं अगर भारत के स्टॉक मार्केट की बात करें तो इनका मार्केट कैप है 4 ट्रिलियन डॉलर . क्योंकि फॉरेक्स मार्केट में काफी ज्यादा अलग-अलग देशों की कंपनियां लिस्टेड है . इसलिए उनका मार्केट कैप हमारी भारतीय स्टॉक मार्केट से अधिक है .

दोस्तों फॉरेक्स में आपको अलग-अलग करेंसी मैं ऑपरेट करना होता है . यानी अगर आप यहां से भारत रुपीस के अनुसार ट्रेड करोगे तो वहां की कंपनियां को वह करेंसी कन्वर्ट होकर उनके अलग अलग देशों के हिसाब से मिलेगी . और इसी अनुसार स्टॉक मार्केट और फॉरेक्स मार्केट में रुपयों के कन्वर्शन से ट्रेडिंग होता है .

● कितने टाइप्स से हम ट्रेडिंग कर सकते हैं फॉरेक्स और स्टॉक मार्केट में .

भाई लोग अगर बात करें फॉरेक्स मार्केट की तो आप यहां पर सिर्फ मार्जिन ट्रेडिंग ही कर सकते हो . पर आपको यहां पर काफी अच्छा खासा लेवरेज देखने को मिल जाता है . यानी मिनिमम 200× से 1500x तक आपको यहां लेवरेज देखने को मिल जाता है . और यहां लेवरेज का मतलब यह होता है कि अगर आप ₹1 लगा रहे हैं . तो आपको ₹200 के बराबर करेंसी मिल जाता है . जिससे आप इंटरनेशनल मार्केट में ट्रेड कर सकते हो . पर दोस्तों आपको एक बात का ध्यान रखना है कि लेवरेज के चक्कर में आप कहीं पर डूब ना जाए . जी हां दोस्तों लेवरेज में आपको काफी ज्यादा प्रॉफिट देखने को मिल जाता है . पर आपको इनसे कई बारी काफी ज्यादा नुकसान भी होता है .

वही आप इंडियन स्टॉक मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग , यानी यहां पर आप 1 दिन के अंदर किसी भी स्टॉक को खरीद कर आसानी से शाम तक बेच सकते हो . इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग , यहां पर आप किसी भी कंपनी के स्टाफ को अगर पैसे देकर खरीद लेते हो उसके बाद आप इसे लाइफ टाइम तक होल्ड कर सकते हो . जब तक यह कंपनी लिस्टेड है स्टॉक मार्केट में . और फ्यूचर लेवरेज ट्रेडिंग , इस ट्रेडिंग में आपको काफी ज्यादा प्रॉफिट और लॉस देखने को मिल सकते हैं . यहां पर आपको कैलकुलेट करना पड़ता है और साथ ही अच्छे मार्केट की जानकारी होनी जरूरी है . स्टॉक मार्केट में आपको 3× से 5x तक लेवरेज देखने को मिल जाती है .

● मार्केट में मैनिपुलेशन क्या होता है .

दोस्तों , आपको दो टाइप की इकोनामी देखने को मिलते हैं . Macro लेवल और micro लेवल . अगर फॉरेक्स की बात करें तो यहां पर आपको दिखता है Macro लेवल इकोनामी पर . वहीं अगर तुम इंडियन स्टॉक मार्केट तो यह काम करता है micro लेवल इकोनामी पर .

दोस्तों मैनिपुलेशन का मतलब , होता है कि कितने बातों पर एक कंपनी के शेयर में अंतर पढ़ सकते हैं . जैसे कि अगर भारत स्टॉक मार्केट की बात करें . तो यहां पर एक सीईओ के बदलाव से काफी ज्यादा स्टॉक मार्केट में ऊपर नीचे देखने को मिल सकता है . वहीं अगर फॉरेक्स मार्केट की बात करें तो यहां पर जब कुछ बड़ा होता है किसी देश में तब जाकर इस मार्केट में असर पड़ता है . जैसे कि अभी रसिया यूक्रेन का वार चल रहा है . तो इस हिसाब से रसिया के रुपैया यानी रुबेल में काफी ज्यादा उथल-पुथल हो गई है . और इससे फॉरेक्स मार्केट में काफी ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है . साथ ही कई दूसरे देश के इकोनामी को भी काफी अच्छा खासा धक्का देखने को मिल रहा है .

साथ ही , स्टॉक मार्केट को कंट्रोल करना काफी आसान है फॉरेक्स मार्केट की तुलना में . जैसे कि अगर कोई बड़ी कंपनी का आईपीओ आना होता है . तो उसके बारे में काफी ज्यादा बातें होने लगती है मीडिया पर . और आम जनता को काफी उत्तेजित किया जाता है उनके स्टॉक को खरीदने के लिए . जिस वजह से उनके कंपनी मार्केट में लिस्ट होने के बाद काफी ज्यादा नीचे गिर जाती है . वही फॉरेक्स मार्केट इंटरनेशनल एक्सपोर्ट इंपोर्ट , जियो पोलिटिकल रिलेशन , इंटरनेशनल बॉर्डर टेंशन पर ज्यादा निर्भर करता है .

● Conclusion : कौन सा मार्केट हमारे लिए बेहतर होगा .

फॉरेक्स मार्केट में आपको ज्यादा रिस्क देखने को मिलता है . पर आपको यहां पर बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी देखने को मिल सकता है . फॉरेक्स मार्केट में आपको ज्यादा चेंजेज देखने को नहीं मिलेंगे स्टॉक मार्केट की तुलना में . यहां पर आपको बहुत ज्यादा लेवरेज देखने को मिल जाता है . साथ में अगर टाइमिंग की बात करें तो यहां पर आपको शनिवार और रविवार को छोड़कर सारे दिन 24 * 7 काम कर सकते हैं . आपको यहां पर काफी ज्यादा टेक्निकल और फंडामेंटल डॉक्यूमेंट मिल जाएंगे .

वही स्टॉक मार्केट में आपको काफी ज्यादा इंस्टेबिलिटी देखने को मिलती हैं . पर आपको यहां पर कम रिस्क देखने को मिलता है फॉरेक्स मार्केट की तुलना में . साथ ही अगर इंडियन स्टॉक मार्केट की टाइमिंग कम की बात करें तो , तो यहां पर सुबह 9:15 बजे मार्केट खुलता है और 3:30 बजे बंद हो जाता है . और साथ ही कई बार गवर्नमेंट होलीडेज के दिन भी मार्केट बंद रहती है . यहां पर भी आपको बहुत सारे टेक्निकल चार्ट और फंडामेंटल डॉक्यूमेंट देखने को मिल जाते हैं .

दोस्तों दोनों ही मार्केट अपनी जगह काफी अच्छी है आपको यह तय करना है कि आप कहां पर खेलना चाहते हैं .


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published.